कटिहार सितम्बर २०१७ (Katihar September 2017)

September 2017 Katihar Mirror Cover
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Feature News

कटिहार : सितम्बर २०१७ 
पिछले महीने आई बाढ़ की विभीषिका देखी| बाढ़ में धर्म जाति जात पात से ऊपर उठकर लोगो को एक दुसरे के काम आते देखा|

बाढ़ ने ज़िन्दगी की रफ़्तार कम कर दी थी| ट्रेन के पहिये भी घूमने से कतरा रहे थे| जो जहाँ था वही फंस गया था|पर हर आने वाली चीज़ जाती भी है| बाढ़ गयी तो अपने पीछे सूखते सड़ते कचरे को छोड़ गयी|कुछ घर की छत बाढ़ ले गयी थी , कुछ आँगन के चिराग बुझा गयी थी| खेतो और आँगन का पानी तो सूख गया पर आँखों का पानी सुखाये नहीं सूख रहा था|



अगस्त  के महीने में चोटी काटने की घटना बदने लगी थी |अचानक सोई महिलाओं की चोटिया काटने लगी| कीड़े का कारनामा था | कहने वाले कहते है कि चीन ने छोड़े थे ये बालकाटू मैकी कीड़े| पर बाढ़ आते आते आते ये कीड़ो वाली घटनाये भी  कही बह गयी|








जाते जाते अगस्त के महीने में गणपति भी आये| बाढ़ में उत्साह थोडा कम ज़रूर किया पर फिर भी साल में एक बार आने वाले गणपति को लोगो ने खूब प्यार दिया|



    सितम्बर की शुरुआत हुई त्याग और बलिदान के त्यौहार बकरीद से|

मुरलीगंज की घटना ने कोशी के सभी जिलो की रफ़्तार एक बार फिर कम कर दी थी| कुछ असामाजिक तत्वों की हरकत से पुरे इलाके में तनाव फ़ैल गया था| इस बीच लोगो ने एक बात समझ ली है की तीन दिन तक इन्टरनेट नहीं रहने पर फेस बुक और व्हाट्सएप्प के बिना भी ज़िन्दगी चल सकती है|
सितम्बर महिना बकरीद, ओणम, दुशहरा ,दुर्गा पूजा ,इस्लामिक नया साल भी लेकर आ रहा है| उम्मीद है ये महिना लोगो के जीवन में ख़ुशी लायेगा|

आइये नीचे देखे आज का समाचार 


  
   
 
September 2017 Katihar Mirror Cover

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