Category: Education

nikita Kumari Katihar Bihar Board topper

कटिहार (प्राणपुर) की निकिता कुमारी बिहार बोर्ड (कला) टॉप 10 के 5वे स्थान पर

प्राणपुर प्रखंड के अंतर्गत बस तोल पंचायत के बस्तर पंचायत के पूर्व मुखिया दिलीप रजक की (more…)
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Anjali Agarwal Kv topper

कटिहार की अंजलि अग्रवाल केन्द्रीय विद्यालय में बिहार टॉपर बनी

केंद्रीय विद्यालय की छात्रा अंजलि अग्रवाल ने CBSC के 12th के पूरे बिहार के केंद्रीय बिद्यालय (more…)
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shilpi gargmukh katihar

कटिहार की शिल्पी गर्गमुख प्रादेशिक सेना की पहली महिला अफसर

कटिहार की अफसर बिटिया : कटिहार की अधिवक्ता की सुपुत्री शिल्पी गर्गमुख ने प्रादेशिक सेना ( टेरीटोरियल आर्मी) की पहली महिला अफसर बनने का गौरव हांसिल किया है| शिल्पी को 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया जायेगा|फ़िलहाल शिल्पी ongc अंकलेश्वर में कार्यरत है| कटिहार के जवाहर नवोदय विद्यालय की २००६ की दसवी परीक्षा की topper रह चुकी हैं शिल्पी|डीपीएस बोकारो से बारहवी की परीक्षा उत्तीर्ण करके उन्होंने ने BIT सिंदरी से केमिकल्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की| [caption id="attachment_3107" align="aligncenter" width="300"]shilpi gargmukh katihar shilpi gargmukh katihar [/caption] अपने मातापिता वाई एन तिवारी एवं रेनू तिवारी के साथ साथ इन्होने पूरे कटिहार का नाम रोशन किया है| शिल्पी के भाई सौरभ आनंद २००८ में सेना में चयनित होकर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं|
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Teachers Day Dr Jawahar Dev gets president award

शिक्षक दिवस पर मिला जवाहर देव को राष्ट्रपति पुरस्कार

शिक्षक दिवस पर कटिहार के शिक्षक डा जवाहर देव को दिया गया राष्ट्रपति पुरस्कार| कटिहार के रेलवे कॉलोनी स्थित गाँधी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ जवाहर लाल देव को इस साल राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है|१९८७ से जवाहर देव शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं| १९९६ से श्री देव कटिहार गाँधी उच्च विद्यालय में कार्यरत है| जवाहर जी ने कई पुस्तके भी लिखी हैं|रेट की प्यास ,धर्म के पन्ने ,बिहार के बढ़ते कदम आदि पुस्तके लिखी हैं| श्री जवाहर देव को पहले भी ज्योतिबा फुले सम्मान,भीम राव आंबेडकर समरसता पुरस्कार एवं श्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार मिल चूका है|
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कटिहार में इंजीनियरिंग की पढाई शुरू हुई

कटिहार में इंजीनियरिंग की पढाई शुरू हुई

कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढाई इस साल से शुरू कर दी गयी है। आठ अगस्त से छात्र-छात्रओं का नामांकन भी प्रारम्भ हुआ है। फिलहाल इंजीनियरिंग की पढाई भेरिया रहिका स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू कर दी गयी है| असैनिक, यांत्रिकी तथा कम्प्यूटर सांइस स्ट्रीम की पढाई होगी। कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. कृष्णनंदन प्रसाद है|
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डी एस कॉलेज कटिहार

एक दिन पहले परीक्षा हो जाने पर आज परीक्षार्थियों का D S कॉलेज में हंगामा

कटिहार के डी एस कॉलेज में पहुंचे परीक्षार्थियों ने परीक्षा छूट जाने पर जमकर हंगामा और सड़क जाम कर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी किया ,परीक्षार्थियों का आरोप है की उन्हें मिले परीक्षा के रूटीन के मुताबिक ही वो परीक्षा देने पहुंचे थे ,लेकिन परीक्षा एक दिन पहले ही ले लिया गया ,वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है की परीक्षार्थियों के पास जो परीक्षा की रूटीन है वो गलत है। सड़क पर हंगामा करते ये परीक्षार्थी अररिया ,पूर्णिया के हैं जो B. A [ PART _01 ] के परीक्षार्थी हैं ,जो सड़क जाम कर हंगामा कर रहे हैं ,ये परीक्षार्थी इसलिए हंगामा कर रहे हैं क्योंकि इन परीक्षार्थियों का परीक्षा छूट गया है ,और ये परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होने से चूक गए हैं ,और ये चूक इसलिए हुई है की यनिवर्सिटी ने परीक्षा का जो रूटीन जारी किया है उसमे और परीक्षार्थियों के पास जो रूटीन है दोनों में काफी तारीख का अंतर है जिस कारण परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई है ,यानी परीक्षार्थियों की रूटीन में 6 जुलाई को SOCOLOGY की परीक्षा अंकित है तो वहीं कॉलेज की रूटीन में ये परीक्षा 5 जुलाई को ही होना है ,और 6 जुलाई को छुट्टी का दिन है। जैसे ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे कॉलेज बंद पाया ,फिर किया था परीक्षर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया ,और कॉलेज के सामने के सड़क को जाम कर घण्टों हंगामा करने लगे ,इस हंगामे का विरोध करने पर परीक्षार्थियों और राहगीरों के बीच हाथा_पाई शुरू हो गई ,जिसे वहां मौजूद लोगों ने छुड़वाया। वहीं इस पूरे प्रकरण पर कॉलेज के परिक्षा नियंत्रक से जब बात की गई तो उन्होंने सारी गलती की जिम्मेदारी परिक्षार्थियों पर उमड़ दिया ,और रूटीन का हवाला देते हुए कहा की रूटीन यनिवर्सिटी द्वारा बदल दिया गया था ,और 5 जुलाई को हुए परीक्षा में 1150 परीक्षार्थी शामिल हुए और मात्र 50 परीक्षार्थी उस गलत रूटीन के चक्कर में परिक्षा नहीं दे पाए जो बाहर हंगामा कर रहे हैं। परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद देखना है कि परीक्षा में जो छात्र शामिल नहीं हो पाए उसके लिए यनिवर्सिटी किया कदम उठाती है ,लेकिन अगर यनिवर्सिटी कोई पहल नहीं करती है तो इतने छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा
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