9 मार्च २०१६ आंशिक रूप से दिखेगा को साल का पहला पूर्ण सूर्यग्रहण

9 मार्च २०१६ को होने वाला है साल का पहला सूर्यग्रहण | लेकिन हमारे शहर कटिहार में आंशिक रूप से ही दिखेगा |सुबह ५.५५ पर शुरू होगा ये सूर्यग्रहण और 6.४८ पर ख़तम को जायेगा | सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर ये सबसे ज्यादा रहेगा | सूर्यग्रहण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है | इसे देखने के लिए सावधानिया बरते | [caption id="attachment_1730" align="alignright" width="300"]solar eclipse katihar solar eclipse katihar[/caption]
भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढ़क जाता है, उसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चाँद पृथ्वी की। कभी-कभी चाँद, सूरज और धरती के बीच आ जाता है। फिर वह सूरज की कुछ या सारी रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर साया फैल जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह घटना सदा सर्वदा अमावस्या को ही होती है।
हमारे ऋषि-मुनियों ने सूर्य ग्रहण लगने के समय भोजन के लिए मना किया है, क्योंकि उनकी मान्यता थी कि ग्रहण के समय में कीटाणु बहुलता से फैल जाते हैं। खाद्य वस्तु, जल आदि में सूक्ष्म जीवाणु एकत्रित होकर उसे दूषित कर देते हैं। इसलिए ऋषियों ने पात्रों के कुश डालने को कहा है, ताकि सब कीटाणु कुश में एकत्रित हो जाएं और उन्हें ग्रहण के बाद फेंका जा सके। पात्रों में अग्नि डालकर उन्हें पवित्र बनाया जाता है ताकि कीटाणु मर जाएं। ग्रहण के बाद स्नान करने का विधान इसलिए बनाया गया ताकि स्नान के दौरान शरीर के अंदर ऊष्मा का प्रवाह बढ़े, भीतर-बाहर के कीटाणु नष्ट हो जाएं और धुल कर बह जाएं। पर अब सूर्यग्रहण पर ऐसा करना आवश्यक नहीं माना जाता है| कोई वैज्ञानिक कारण स्पष्ट नहीं है परन्तु लोग श्रधा से कुछ नियमो का पालन करते है |
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