कटिहार में ट्रैफिक समस्या का क्या हो समाधान | Lets Find a solution to Katihar’s traffic

कटिहार में ट्रैफिक की बिगडती हालत हम सब देख रहे है | चारचक्रीय वाहन तो लगभग हर संपन्न परिवार के पास है | बाइक्स तो लगभग हर घर में होता ही है | कटिहार के संकरे रास्तों में हम कार जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल कम ही करते है | कारण बहुत ही साधारण है | हम गाड़ियाँ लेकर कटिहार की सडको पे चलना एक परेशानी से कम नहीं मानते | सीधे रास्तो में भी जाम में तो गाड़ियाँ फसती ही है | शायद पैदल या रिक्शा से हम जल्दी पहुँच सकते है कही शहर में अपने कार के बनिस्पत | बात सिर्फ कार की नहीं है | हम अगर मोटरसाइकिल से भी कही जाने का सोचे तो एक बार फिर से सोचना पड़ता है | कही और की बात छोड़ दे | अगर शहर के मुख्य चौराहे (शहीद चौक) और मुख्य बाज़ार (मंगल बाज़ार) से गुज़ारना हो तो भगवान ही मालिक | सेकंड्स में जो रास्ता पार हो सकता है उसे पार करने के लिए दस मिनट से आधे घंटे तक कभी कभी रुकना पड़ता है | गर्ल्स स्कूल रोड पर जाना हो तो घर से प्रार्थना कर के ही निकले | पर महिलाओ को तो गर्ल्स स्कूल रोड जाना ही होता है | पता नहीं कौन से मोती जाड़े है उन रास्तो पर ,जो जाता है जल्दी वापस नहीं आता | एक कारण तो ये हो सकता है की बेचारा मनुष्य फंस गया हो| नारियो के बीच नहीं -गाडियों, रिक्शो,शोर,भीड़, गालियों के बीच | हम सब परेशान तो है पर कोई इस समस्या के समाधान की नहीं सोच रहा | शिकायते हम सभी करते है | छोटा सा शहर है हमारा कटिहार | समस्याएं बड़ी क्यूँ हो ? समाधान तो हर समस्या का होता है | एक समाधान तो ये है की हम अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करे | रास्तो पर चलने के भी आदाब हुआ करते है | मुह उठाकर हम कही भी नहीं घुस सकते | आम तौर पर जाम का एक मुख्य कारण हम ही होते है | जल्दी में हम रोड पर सामने से आ रही ट्रैफिक के सामने आपनी गाड़ियाँ घुसेड देते है | कोई जाये न जाये हम तो निकल जाएँ इस जाम से | मगर ये हो नहीं पाता | " तुमसे न हो पायेगा " . शायद एक बार हम निकल कर अपनी पीठ थपथपा ले कि क्या बहादुरी से हमने अभिमन्यु की तरह भेद लिया ये चक्रव्यूह | अभिमन्यु की क्यूँ ? हम तो बाहर भी निकल आये | पर इस चक्कर में आप बनते है इस ट्रैफिक जाम की वजह | अगर हम सामने वाले ट्राफिक का रास्ता न रोकें तो आमतौर पर ट्रैफिक स्लो तो होगा पर जाम लगने से बचा जा सकता है | इसके अलावा सोचने के लिए और भी बहुत कुछ है | क्या कटिहार को आवश्यकता है बेहतर प्लानिंग की | एक बात जो हमें समझ नहीं आती की प्रशासन को ये क्यूँ नहीं दीखता ? शायद इसलिए नहीं की हम खुद डरकर प्रशासन की गाडियों के लिए रास्ता बना देते है |उनको तो वनवे में भी घुसने का अधिकार प्राप्त है | आम नागरिक कुछ कहते ही नहीं | एक बार ऐसे ही गर्ल्स स्कूल चौराहे पर प्रशासन की गाडी बीच सड़क पर लगी थी | निकलने का रास्ता था मगर ये कोई तरीका नहीं था| मेरी बकझक हो गयी उन लोगो से | लोग किसी तरह से रास्ता निकाल के जाते रहे | किसी ने साथ तो नहीं ही दिया उलटे मुझे समझाया " क्या कर रहे है जी ,प्रशासन का गाडी है | काहे मुसीबत ले रहे है " | ऐसे लोग खुद ही जिम्मेदार है अपनी और हमारी समस्याओ के लिए भी | बहरहाल, ये अलग बात है| कहना कुछ और चाहते है हम प्रशासन से | इस मैप को देखे | बस स्टैंड ,शहीद चौक का |katihar Map [caption width="691" align="aligncenter"]Traffic Jam in Katihar Katihar Jam[/caption] अगर पॉइंट A जो की बस स्टैंड का गेट है- उसको चौड़ा कर के आम रास्ता बनाया जाये जो सब्जी मार्किट होते हुए पीछे से श्यामा टाल्कीस गली होते हुए ,चूड़ीपट्टी होते हुए राजेंद्र प्रसाद ( न्यू मार्किट) रोड में मिल जाये | हम इन रास्तो को वनवे बना सकते है | आप कहेंगे आईडिया अच्छा है मगर ये हो नहीं सकता | क्यू नहीं हो सकता ये बताये कोई? हो सकता है वो ज़मीन रेलवे की हो | तो क्या प्रशासन रेलवे से बात नहीं कर सकती | क्या रेलवे कटिहार का हिस्सा नहीं है ? क्या लोग इन्ही रास्तो से रेलवे स्टेशन नहीं जाते | क्या रेलवे को परवाह नहीं नागरिको की समस्या का ? क्या किसी ने प्रयास किया ? मैंने नहीं देखा कोई प्रयास कोई भी आन्दोलन | सरकार का काम है नागरिको की सुविधा के लिए प्लान बनाना | उन्हें वास्तविकता में परिवर्तित करना | कोई और विचार है आपके पास -या प्रशासन के पास | अगर है- तो बताते क्यूँ नहीं ? करते क्यू नहीं | प्लान कुछ भी हो मगर इस ट्रैफिक की समस्या का कोई न कोई उपाय तो ढूँढना ही पड़ेगा | अगर सरकार ठान ले -और अगर हम ठान ले तो कुछ भी हो सकता है | Alok Jha's blog Log in to post comments Originally Posted at http://katiharmirror.com/katihar/node/134
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