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miracle in katihar on durgapuja

दुर्गा पूजा में दुर्गा माता का चमत्कार हुआ कटिहार में

कहते हैं दवा जहाँ नाकाम होती है वहां से दुआ का असर सुरु होता है और ये कहावत कटिहार मैं साबित हो गई है|जी हाँ ये दंड प्रणाम करते हुए जा रहे सख्श इसके जीते जागते सबूत हैं| जब जयंत कुमार के भाई की सडक हादसे मै घायल हो गया था और इसकी स्थिति बड़ी नाजुक बनी हुयी थी | भाई को डॉक्टरों ने जवाब दे दिया तो ये चारो तरफ से निराश हो चले गए देवी माँ की चरणों मैं और मंगत मांगी की जब माता रानी की कृपा से इनका भाई ठीक हो जायेगा तो अष्टमी तिथि को ये अपने घर से दंड प्रणाम करते हुए जायेंगे माता की चरणों तक| और घोर आश्चर्य .... माता की कृपा से इनका भाई ठीक होगया अपने मन्नत के अनुसार आज ये दंड प्रणाम करते हुए जा रहे हैं माता रानी की चरणों मैं [caption id="attachment_3120" align="aligncenter" width="300"]miracle in katihar on durgapuja miracle in katihar on durgapuja [/caption][caption id="attachment_3121" align="aligncenter" width="300"]miracle in katihar on durgapuja miracle in katihar on durgapuja [/caption]
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Coconut

महिलाओ को कभी नहीं फोड़ती चाहिए नारियल

नारियल को श्रीफल के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है की जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें- लक्ष्मी, नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु लाए इसलिए नारियल के वृक्ष को श्रीफल भी कहा जाता है। श्री का अर्थ है लक्ष्मी अर्थात नारियल लक्ष्मी व विष्णु का फल। नारियल में त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना गया है। श्रीफल भगवान शिव का परम प्रिय फल है। मान्यता अनुसार नारियल में बनी तीन आंखों को त्रिनेत्र के रूप में देखा जाता है। श्रीफल खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है। इष्ट को नारियल चढ़ाने से धन संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं। [caption id="attachment_1133" align="alignright" width="300"]Coconut Coconut[/caption]
भारतीय पूजन पद्धति में नारियल अर्थात श्रीफल का महत्वपूर्ण स्थान है। कोई भी वैदिक या दैविक पूजन प्रणाली श्रीफल के बलिदान के बिना अधूरी मानी जाती है। यह भी एक तथ्य है कि महिलाएं नारियल नहीं फोड़तीं। श्रीफल बीज रूप है, इसलिए इसे उत्पादन अर्थात प्रजनन का कारक माना जाता है। श्रीफल को प्रजनन क्षमता से जोड़ा गया है। स्त्रियों बीज रूप से ही शिशु को जन्म देती हैं और इसलिए नारी के लिए बीज रूपी नारियल को फोड़ना अशुभ माना गया है। देवी-देवताओं को श्रीफल चढ़ाने के बाद पुरुष ही इसे फोड़ते हैं। शनि की शांति हेतु नारियल के जल से शिवलिंग पर रुद्रभिषेक करने का शास्त्रीय विधान भी है।
भारतीय वैदिक परंपरा अनुसार श्रीफल शुभ, समृद्धि, सम्मान, उन्नति और सौभाग्य का सूचक माना जाता है। किसी को सम्मान देने के लिए उनी शॉल के साथ श्रीफल भी भेंट किया जाता है। भारतीय सामाजिक रीति-रिवाजों में भी शुभ शगुन के तौर पर श्रीफल भेंट करने की परंपरा युगों से चली आ रही है। विवाह की सुनिश्चित करने हेतु अर्थात तिलक के समय श्रीफल भेंट किया जाता है। बिदाई के समय नारियल व धनराशि भेंट की जाती है। यहां तक की अंतिम संस्कार के समय भी चिता के साथ नारियल जलाए जाते हैं। वैदिक अनुष्ठानों में कर्मकांड में सूखे नारियल को वेदी में होम किया जाता है।  श्रीफल कैलोरी से भरपूर होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें अनेक पोषक तत्व होते हैं। इसके कोमल तनों से जो रस निकलता है उसे नीरा कहते हैं उसे लज्जतदार पेय माना जाता है। सोते समय नारियल पानी पीने से नाड़ी संस्थान को बल मिलता है तथा नींद अच्छी आती है। इसके पानी में पोटेशियम और क्लोरीन होता है जो मां के दूध के समान होता है। जिन शिशुओं को दूध नहीं पचता उन्हें दूध के साथ नारियल पानी मिलाकर पिलाना चाहिए। डि-हाइड्रेशन होने पर नारियल पानी में नीबू मिलाकर पिया जाता है। इसकी गिरी खाने से कामशक्ति बढ़ती है। मिश्री संग खाने से गर्भवती स्त्री की शारीरिक दुर्बलता दूर होती है तथा बच्चा सुंदर होता है। Disclaimer: ये लेखक के अपने विचार है |कटिहार मिरर्र ऐसी पारंपरिक मान्यताओं का न तो खंडन करता है और न ही समर्थन |
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Acharya Maha Shraman at Katihar

Katihar News |कटिहार शहर में श्री महाश्रमण जी का आगमन

कल दिनांक 11 जनवरी को कटिहार शहर में श्री महाश्रमण जी के आगमन को लेकर लोगों का उत्साह चरम पर दिखा। जिसमे जैन समुदाय के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। श्री महाश्रमण जी के इस पदयात्रा में अहिंसा, नैतिकता व नशामुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए पदयात्रा के दौरान कटिहार पहुंचने पर हर वर्ग के लोगों ने उनके समर्थन में पदयात्रा में शामिल हुए और गीत गाते रैली निकाले। हजारों की भीड़ के साथ चल रहे तेरापंथ के आचार्य शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए वे वृंदावन गार्डेन पहुंचे। इस दौरान कटिहार व आसपास के लोगों की भीड़ उनके पीछे चल रही थी। लोगों से उमड़े जनसैलाब के कारण शहर की सड़कों पर खचाखच भीड़ रही। क्या बच्चे, क्या बूढ़े, क्या महिलाएं सब उनके इस यात्रा में समर्थन कर रहे थे। लोगों की भीड़ को देखते हुए पूर्व में ही प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया गया था। जगह जगह पुलिस बल को तैनात किया गया था। साथ ही सड़क पर यातायात व्यवस्था भी दुरूस्त रखा गया था। पुलिस पदाधिकारी स्वयं इस दिशा में मुस्तैद दिख रहे थे। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े लोग महाश्रवण के दर्शन कर उनसे आर्शीवाद लेने को लेकर लोगों की भीड़ लगी रही। इस दौरान विधि व्यवस्था दुरूस्त दिखी। हालांकि काफी समय तक यातायात प्रभावित रहा।[caption id="attachment_1040" align="alignright" width="300"]Acharya Maha Shraman at Katihar Acharya Maha Shraman at Katihar[/caption]
स्काउट एंड गाइड की बच्चियों से मिले आचार्य महाश्रवण आगमन को लेकर स्काउट एंड गाइड के बच्चे-बच्चियां भी व्यवस्था की कमान संभाले थे। लोगों को कतारबद्ध करने के साथ ही बच्चों ने स्काउट बैंड के साथ महाश्रमण जी का स्वागत किया। इस दौरान बच्चियों से महाश्रमण जी बच्चों से मिले इसको लेकर बच्चे उत्साहित थे। वहीं पद यात्रा में स्कूली बच्चों द्वारा झांकी निकालकर लोगों का स्वागत किया गया। आचार्य महाश्रमण जी के आगमन को लेकर विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं ने भी लोगों की सुविधा में तत्पर दिखे।
इस दौरान मारवाड़ी युवा मंच, मारवाड़ी महिला मंच, मारवाड़ी महिला मंडल, लायंस क्लब, रेड क्रास, चैंबर ऑफ कामर्स, आध्यात्म चेतना मंच, श्याम मित्र मंडल, श्याम भक्त मंडल, अग्रसेन सेवा सदन, ऋषि मंडल आदि संस्थानों ने उनके स्वागत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी दौरान कटिहार वासी काफी खुश दिख रहे थे। बाकि लोगों ने भी उनके इस यात्रा का भरपूर आनंद लिया। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े हजारों की संख्या में भक्तगण उनका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने अपनी पदयात्रा राजवाड़ा से प्रारंभ की और शहर के शिव मंदिर चौक स्थित वृंदावन गार्डेन तक पद यात्रा कर पहुंचे। जैन धर्म के आचार्य अहिंसा, सद्भावना और नशा मुक्ति को लेकर पदयात्रा पर है। उनके आगमन को लेकर पहले से ही जैन समुदाय के लोग काफी उत्साहित थे।
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Azamnagar Katihar कटिहार में मिली भगवान की मूर्तियाँ

आज़मनगर में मिटटी से निकले भगवान

आज़मनगर : कटिहार जिला के आज़मनगर प्रखंड में मिटटी के नीचे से भगवान की मूर्तियों से लोग भक्ति में लीन हो गये है |बुधवार की शाम को आज़मनगर के अरिहना पंचायत में मिटटी के अन्दर से माँ दुर्गा,माँ सरस्वती और बजरंगबली की पत्थर की मूर्तियाँ मिली है| सेवानिवृत बैंक कर्मचारी निर्मल झा के आवास के परिसर में ये मुर्तिया मिली है|श्री झा के यहाँ किराये पर रह रहे राजीव ने दावा किया है की भगवान ने स्वयं उन्हें सपने में इस मूर्ती के बारे में बताया और उक्त जगह खुदाई करके प्रतिमाओ को निकलने को कहा| [caption id="attachment_228" align="alignright" width="300"]Azamnagar Katihar कटिहार में मिली भगवान की मूर्तियाँ Azamnagar Katihar कटिहार में मिली भगवान की मूर्तियाँ[/caption]
इलाके में अगले दिन सुबह से भजन कीर्तन शुरू हो गया है | लोग मूर्ति प्राप्ति वाले स्थान पर मंदिर बनाना चाहते है|
बारसोई अनुमंडल पदाधिकारी फ़िरोज़ अख्तर के अनुसार मौके पर आजमनगर बीडीओ पूरण साह को जांच के लिए भेजा गया है |  
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